घर रखकर ख़ुद को, दुनिया बचाये रख,
जगदीश,किताबों से तअल्लुक बनाये रख।
तू अकेले में वरक़ों से गुफ़्तगू करता रह,
अशआर पकड़ कर दिल में सजाये रख।
"बुलाती है मगर जाने का नई"*कर सिफ़्त
चश्म-ए-ऊ, चन्द दिन गोशे में बिताये रख।
चलता चल, चलता चल, मगर ख़्यालों में,
बाहर जाने की जुस्तजू कुछ रोज़ दबाये रख।
*Dr.Rahat Indori
Stay at home, stay safe.
ReplyDeleteBeware of Corona!
Great
ReplyDeleteStay at home
Thanks
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