गुले-पॹमुर्द:शक़ुफ़्त अज़ निगहत
दिले-मन सूय-तो रफ़्त अज़ निगहत
बिनिगर दीद:य: ख़ुद रा च: ख़तास्त
ब-ख़ुदा! ज़ीरो-ज़बर गश्त अज़ निगहत
Bikhabar Khoshdel
पॹमुर्दा फूल भी खिल गया तेरी इक निगाह से,
मेरा दिल तेरी तरफ़ ही निकल पड़ा तेरी इक निगाह से।
अपनी आँखों को देखो कि क्या ख़ता की,
ख़ुदा क़सम, दुनिया ऊपर-नीचे हो गई, 'परलों' आ गई, तेरी इक निगाह से।
گل پژمردہ شکفت از نگھت
دل من سوی تو رفت از نگاھت
بنگر دیدہ ی خود را چه خطاست
به خدا! زیر و زبر گشت از نگاھت
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